झारखंड में बौद्ध एवं जैन धर्म का प्रवाह

                           झारखंड में बौद्ध एवं जैन धर्म का प्रवाह




1. कंसाई  नदी के तट पर स्थित बौद्ध धर्म स्थान बुधपुरा में  स्थित मंदिर -  बुद्धेश्वर मंदिर है 

2.  रांची के चौहान जलप्रपात, गुमला जिले के कुटगा  ग्रामीण, जमशेदपुर के भुला तथा धनबाद  के ईचागढ़ स्थान से  किसकी  मूर्तियां मिली है  -   बुद्ध की  

3.   झारखंड क्षेत्र के किस प्रवेश के बाद बौद्ध धर्म का प्रभाव शुरू हुआ  -   समुद्रगुप्त  

4.  बंगाल के पाल शासकों के समय बौद्ध धर्म का कौन सा समृद्धि झारखंड में फल-फूल रहा था  -   वज्रयान

5.  झारखंड के किस स्थान को जैन धर्म का मक्का कहा गया   -  पाश्वनाथ 

 6. जैन धर्म के 24 में से कितने के तीथर्करों  ने  पारसनाथ पर्वत जिसे सम्मेद शिखर भी कहा जाता है पर वर्णित प्राप्त किया  -   20 

7.  पारसनाथ पर्वत का मोक्ष प्राप्त करने वाला अंतिम तीथर्कर  कौन थे   - पाश्वनाथ 

8.  जैन धर्म के किस तीथर्कर  के नाम पर पाश्वनाथ  पर्वत का नामांकन हुआ   -   पाश्वनाथ 

9. जैन धर्म के कुल  तीथर्करों में  पसवर्णत  का कर्म है सही समय जैन धर्म के   23वें तीर्थंकर 

10. पारसनाथ निर्माण कहां पर आठवीं शताब्दी शताब्दी ईसापूर्व में हुआ -  पाश्वनाथ 

 11. पारसनाथ पर्वत जैन धर्म के किस संप्रदाय पर पवित्र स्थान है   -   श्वेताम्बर और दिगम्बर 

12. पारसनाथ पर्वत झारखंड के किस जिले में स्थित है  -     गिरिडीह 

13.  गिरिडीह जिले के किस स्थान पर श्वेतांबरी जोनयो का तीथ्रस्थल  है -    मधुबन

14.   पलामू जिले के किस स्थान से  जौनिको  के पूजा स्थान मिले हैं   -  हनुमांड  गांव ( सतबरवा ) से 

15.  कोठेस्वरनाट   का स्तूप कहां स्थित है  -   इटखोरी  चतरा
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